अंधे को अंधेरे में बहुत दूर की सूझी

अंधे को अंधेरे में बहुत दूर की सूझी

अर्थ —जब कोई मूर्ख मनुष्य बुद्धिमानी की बात कहता है तब ऐसा कहते हैं।

वाक्य प्रयोग:—जब फेल होने वाले छात्र ने जटिल वैज्ञानिक तर्क दिया, तो शिक्षक बोले, "वाह! यह तो वही बात हुई कि अंधे को अंधेरे में बहुत दूर की सूजी"। 

अन्य प्रयोग:

गाँव के साधारण से किसान को शेयर बाज़ार के बारे में बात करते देख, सरपंच ने कहा, "अंधे को अंधेरे में बहुत दूर की सूजी है, यह तो बहुत चतुर निकला।"